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उत्तर प्रदेश में हरियाली का महाकुंभ: एक दिन में 37 करोड़ पौधारोपण का ऐतिहासिक अभियान

‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’: यूपी में हरियाली का सबसे बड़ा उत्सव

“उत्तर प्रदेश में आज, बुधवार को ‘उत्तर प्रदेश हरियाली महाकुंभ 2025’ का शुभारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में पूरे प्रदेश में एक ही दिन में 37 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जो अपने आप में एक ग्लोबल रिकॉर्ड बन सकता है।”


मुख्यमंत्री योगी अयोध्या और आजमगढ़ से करेंगे शुभारंभ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या और आजमगढ़ जिलों से इस 'पौधारोपण महाअभियान' की शुरुआत करेंगे।

  • कार्बन क्रेडिट योजना के तहत 7 किसानों को चेक वितरित करेंगे
  • जनसंवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा
  • ‘एक पेड़ मां के नाम’ को नई पहचान मिलेगी

52.43 करोड़ पौधे तैयार, 37 करोड़ का लक्ष्य

इस अभियान के लिए पूरे प्रदेश की नर्सरियों और विभागों ने मिलकर 52.43 करोड़ पौधे तैयार किए हैं। इनमें से 37 करोड़ पौधे एक ही दिन में रोपे जाने हैं, शेष पौधे अगले चरणों में लगाए जाएंगे।


राज्यपाल से लेकर पंचायत प्रतिनिधि तक की भागीदारी

हरियाली महाकुंभ में सभी स्तरों के जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है:

  • राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बाराबंकी में पौधारोपण करेंगी
  • उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य मेरठ, ब्रजेश पाठक लखनऊ में भाग लेंगे
  • सभी मंत्री, विधायक, सांसद अपने-अपने जिलों में पेड़ लगाएंगे

सभी 18 मंडलों में एक साथ अभियान, लखनऊ मंडल अग्रणी

यूपी के सभी 18 मंडलों में पौधारोपण अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें सबसे अधिक योगदान लखनऊ मंडल का रहेगा।

  • वन विभाग अकेले 14 करोड़ पौधे लगाएगा
  • अन्य 25 विभागों को विशिष्ट लक्ष्य दिए गए हैं
  • लगभग 25 करोड़ लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से भाग लेंगे

विशेष वन संरचनाएं: नामों में छिपा संदेश

इस अवसर पर कई प्रतीकात्मक वन क्षेत्र भी विकसित किए जा रहे हैं, जिनके नाम प्रेरणादायक हैं:

  • अटल वन
  • एकता वन
  • शौर्य वन
  • ऑक्सी वन
  • एकलव्य वन
  • गोपाल वन
  • त्रिवेणी वन

नदी किनारे और सड़कों के आसपास भी वृक्षारोपण

इस महाअभियान में न केवल कृषि भूमि, बल्कि नदी और सड़क किनारे क्षेत्रों को भी हरित बनाया जा रहा है:

  • 13 प्रमुख नदियों के किनारे: 21,313.52 हेक्टेयर क्षेत्र में 3.56 करोड़ पौधे
  • सड़क किनारे: 1.14 करोड़ पौधे
  • एक्सप्रेसवे के किनारे: 2.5 लाख पौधे

आवास योजनाओं और गरीबों को जोड़ा गया

  • प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थी लगाएंगे सहजन के पौधे
  • जीरो पॉवर्टी प्रोग्राम के अंतर्गत प्रत्येक लाभार्थी दो पौधे लगाएगा

इससे हरित समावेशिता को बढ़ावा मिलेगा और हर वर्ग का व्यक्ति इस मुहिम का हिस्सा बनेगा।


कार्बन उत्सर्जन में कमी और पर्यावरण संतुलन की ओर कदम

इस महाअभियान का मूल उद्देश्य:

  • पर्यावरण संरक्षण
  • कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी
  • जलवायु संतुलन
  • हरित प्रदेश की स्थापना

यह कार्यक्रम भारत में सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDGs) की दिशा में एक मॉडल इनिशिएटिव बनकर उभर रहा है।

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