भारत की पहली मेजबानी

“भारतीय राजधानी दिल्ली विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 की मेजबानी करने जा रहा है। यह ऐतिहासिक समारोह दो दिन बाद जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में शुरू होगा। यह क्षण न केवल भारतीय स्पोर्ट्स जगत का विषय है बल्कि दुनियाभर में बढ़ती खेल क्षमता का प्रतीक भी है। केंद्रीय मंत्री ने लिया तैयारियों का जायजा केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने मंगलवार को स्टेडियम का दौरा कर तैयारियों का विस्तृत निरीक्षण किया। उनके साथ खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे, भारतीय पैरालंपिक समिति (पीसीआई) और खेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मंडाविया ने आयोजन स्थल पर बैठक की और एथलीटों से भी बातचीत की।”

आधुनिक सुविधाओं से लैस स्टेडियम मंडाविया ने जिन हिस्सों का निरीक्षण किया उनमें मान्यता केंद्र, चिकित्सा केंद्र, नया वार्मअप ट्रैक और मुख्य मोंडो ट्रैक शामिल थे। यह मोंडो ट्रैक उन्होंने 29 अगस्त 2025 को उद्घाटित किया था। इसी ट्रैक पर विश्व के विभिन्न देशों से आए एथलीट अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। आधुनिक सुविधाओं से लैस स्टेडियम मंडाविया ने जिन हिस्सों का निरीक्षण किया उनमें मान्यता केंद्र, चिकित्सा केंद्र, नया वार्मअप ट्रैक और मुख्य मोंडो ट्रैक शामिल थे। यह मोंडो ट्रैक उन्होंने 29 अगस्त 2025 को उद्घाटित किया था। इसी ट्रैक पर विश्व के विभिन्न देशों से आए एथलीट अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

100 से अधिक देशों की भागीदारी इस चैंपियनशिप में 100 और से अधिक देशों के पैरा-एथलीट इस चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगे, जिससे यह भारत में आयोजित अब तक का सबसे बड़ा पैरा-एथलेटिक्स इवेंट बनेगा। 73 पैरा-एथलीट भारत की ओर से मैदान में उतरेंगे और पदक हासिल करने का प्रयास करेंगे। भारत की बढ़ती खेल प्रतिष्ठा भारत की डॉ. मंडाविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अब अंतरराष्ट्रीय खेल समारोहों की मेजबानी का विश्वसनीय स्थल बन गया है। उन्होंने कहा कि "विश्व एक परिवार है" की भारतीय भावना हमें पूरी दुनिया के एथलीटों को एक मंच पर लाने के लिए प्रेरित करती है।

एथलीटों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि हर प्रतिभागी एथलीट को विश्वस्तरीय सुविधाएं और सहयोग मिले। स्टेडियम को आधुनिक तकनीक और खेल उपकरणों से सुसज्जित किया गया है। एथलीटों की सुविधा के लिए विशेष मेडिकल सेंटर और पुनर्वास सेवाओं की भी व्यवस्था की गई है। खेलों के जरिए वैश्विक जुड़ाव इस आयोजन के माध्यम से भारत दुनिया के सामने अपने खेल बुनियादी ढांचे, मेहमाननवाजी और आयोजन क्षमता को प्रदर्शित करेगा। यह केवल खेल प्रतियोगिता नहीं है बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान और वैश्विक जुड़ाव का भी मंच बनेगा।

भारतीय एथलीटों के लिए अवसर 73 भारतीय पैरा-एथलीटों की भागीदारी इस आयोजन को खास बनाती है। यह न केवल उन्हें विश्व स्तरीय प्रतिस्पर्धा का अनुभव देगा बल्कि देश के लिए गौरव हासिल करने का अवसर भी प्रदान करेगा। वनिंग एशिया पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 भारत के लिए एक ऐतिहासिक मौक़ा है। इससे न ही पैरा-खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा ही, बल्कि भारत की खेल कूटनीति और वैश्विक प्रतिष्ठा को भी नई ऊंचाई मिलेगी।

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