दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, निचले इलाकों में बाढ़ का संकट

दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से चिंता

दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर एक बार फिर से खतरे के निशान से ऊपर पहुँच गया है। राजधानी और आसपास के राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश के साथ ही हिमाचल और उत्तराखंड से छोड़े गए पानी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।”


यमुना बाजार और लोहे पुल पर खतरा

तस्वीरों और रिपोर्ट्स से साफ है कि यमुना नदी किनारों से बाहर बह रही है।

  • यमुना बाजार इलाके का लोहे का पुल सबसे ज्यादा प्रभावित है।
  • पास के पुराने मंदिर का नजारा बेहद चिंताजनक है, जो अब लगभग डूबने की कगार पर है।

प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन अलर्ट पर है।

  • निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
  • जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किए जाएंगे।
  • दिल्ली सरकार और संबंधित एजेंसियां लगातार स्थिति की निगरानी कर रही हैं।

नोएडा और आसपास के इलाकों पर भी असर

दिल्ली से सटे नोएडा में भी यमुना का जलस्तर बढ़ गया है।

  • हथनी कुंड बैराज से छोड़े गए पानी के कारण हालात और बिगड़ सकते हैं।
  • जिला प्रशासन ने राहत दलों को सतर्क कर दिया है।

खतरे का स्तर और मापदंड

दिल्ली में यमुना नदी के जलस्तर को लेकर तीन प्रमुख स्तर तय हैं:

  • चेतावनी स्तर: 204.5 मीटर
  • खतरे का स्तर: 205.3 मीटर
  • निकासी स्तर: 206 मीटर (इस पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है)

यमुना के प्रवाह और बाढ़ के जोखिम को मापने का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र ओल्ड रेलवे ब्रिज है।


“दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर लगातार खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है और प्रशासन अलर्ट पर है। आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है, इसलिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की सख्त जरूरत है।”

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