गोरखपुर स्वगणना फॉर्म को लेकर किराएदारों की उलझन खत्म | प्रशासन ने जारी किए साफ नियम

गोरखपुर में गोरखपुर स्वगणना फॉर्म को लेकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है। खासतौर पर किराए के मकानों में रहने वाले लोग यह समझ नहीं पा रहे कि उन्हें फॉर्म किस पते से भरना चाहिए। प्रशासन ने अब इस पर स्पष्ट नियम जारी किए हैं। अधिकारियों के अनुसार जनगणना का आधार मकान का मालिकाना हक नहीं, बल्कि व्यक्ति का वास्तविक निवास स्थान होता है। यानी जहां व्यक्ति रह रहा है, उसी स्थान से गोरखपुर स्वगणना फॉर्म भरना होगा। चाहे मकान किराए का हो या खुद का। प्रशासन ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति छह महीने या उससे अधिक समय से किसी पते पर रह रहा है,

तो उसे उसी पते की जानकारी दर्ज करनी होगी। वहीं किराएदारों को फॉर्म में “किराया” विकल्प चुनना होगा। इसके लिए किसी रेंट एग्रीमेंट की जरूरत नहीं पड़ेगी। अगर एक मकान में कई परिवार रहते हैं और उनकी रसोई अलग है, तो उन्हें अलग परिवार माना जाएगा। ऐसे लोगों को अलग-अलग जानकारी भरनी होगी। अधिकारियों ने यह भी साफ किया कि मकान मालिक की जानकारी देना जरूरी नहीं है। गोरखपुर स्वगणना फॉर्म को लेकर प्रशासन लोगों से सही जानकारी दर्ज करने की अपील कर रहा है ताकि रिकॉर्ड सही तरीके से तैयार हो सके।

FAQ

सवाल 1: किराएदार किस पते से स्वगणना फॉर्म भरें?

जिस पते पर वे वर्तमान में रह रहे हैं, उसी पते से फॉर्म भरना होगा।

सवाल 2: क्या रेंट एग्रीमेंट जरूरी है?

नहीं, गोरखपुर स्वगणना फॉर्म भरने के लिए रेंट एग्रीमेंट जरूरी नहीं है।

सवाल 3: क्या मकान मालिक की जानकारी देनी होगी?

नहीं, इस प्रक्रिया में मकान मालिक का नाम देना अनिवार्य नहीं है।

सवाल 4: दो मकान होने पर क्या करें?

व्यक्ति केवल उसी मकान से जानकारी दर्ज करेगा जहां वह वास्तव में रह रहा है।

Prem Chand | The Morning Star

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