गोवा अवैध खनन मामला | ईडी ने सलगांवकर समूह की 1023 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गोवा अवैध खनन मामला में बड़ी कार्रवाई करते हुए सलगांवकर समूह और उससे जुड़े एवीएस समूह की 1,023.85 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से जब्त कर ली हैं। ईडी के अनुसार, यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है। जांच एजेंसी ने बताया कि जब्त संपत्तियों में भारत की 99 अचल संपत्तियां शामिल हैं, जिनकी कीमत 459.10 करोड़ रुपये है। इसके अलावा सिंगापुर में स्थित 31 संपत्तियां भी जब्त की गई हैं, जिनका मूल्य 471.32 करोड़ रुपये बताया गया है। साथ ही भारतीय कंपनियों के 93.42 करोड़ रुपये के शेयर भी कार्रवाई के दायरे में आए हैं।

गोवा अवैध खनन मामला की जांच गोवा पुलिस की एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। ईडी का दावा है कि वर्ष 2007 से 2012 के बीच 10 खनन पट्टों का संचालन करते हुए कथित रूप से अवैध लाभ अर्जित किया गया। जांच में यह भी आरोप लगाया गया है कि लौह अयस्क को कम कीमत पर विदेशी कंपनियों को निर्यात किया गया, जिससे करोड़ों रुपये का अतिरिक्त लाभ कमाया गया। सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि 22 नवंबर 2007 के बाद गोवा में किया गया खनन अवैध माना जाएगा। इसी आधार पर एजेंसियां मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।

FAQ

प्रश्न: गोवा अवैध खनन मामला क्या है?
उत्तर: यह कथित अवैध लौह अयस्क खनन और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच से संबंधित मामला है।

प्रश्न: ईडी ने कितनी संपत्ति जब्त की है?
उत्तर: ईडी ने 1,023.85 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं।

प्रश्न: क्या विदेशों की संपत्तियां भी शामिल हैं?
उत्तर: हां, सिंगापुर में स्थित 31 संपत्तियां भी जब्त की गई हैं।

Prem Chand | The Morning Star

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