अगस्त में बढ़ी महंगाई से ब्याज दरों में कटौती टली, एसबीआई रिसर्च रिपोर्ट का बड़ा खुलासा

अगस्त मुद्रास्फीति और ब्याज दरें: क्यों मुश्किल है कटौती : “भारत में अगस्त 2025 के आंकड़े साफ इशारा कर रहे हैं कि निकट भविष्य में ब्याज दरों में कमी की संभावना बेहद कम है। एसबीआई रिसर्च की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार अगस्त में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) मुद्रास्फीति 2.07% रही, जो जुलाई के 1.61% की तुलना में अधिक है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से खाद्य और पेय पदार्थों की महंगाई के कारण हुई। रिपोर्ट का मानना है कि अक्टूबर में ब्याज दरों में किसी तरह की राहत नहीं मिलेगी। यहां तक कि दिसंबर तक भी दरों में कटौती आसान नहीं होगी, क्योंकि पहली और दूसरी तिमाही की विकास दर को देखते हुए यह कदम आर्थिक रूप से जोखिमभरा साबित हो सकता है।”

खाद्य वस्तुओं पर जीएसटी कटौती का असर रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकार ने लगभग 295 आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी दर को 12% से घटाकर 5% या शून्य कर दिया है। इसका असर आने वाले समय में देखने को मिल सकता है। अनुमान है कि खाद्य वस्तुओं की महंगाई (CPI) वित्त वर्ष 2026 में 25–30 आधार अंक (basis points) तक कम हो सकती है। इसी तरह सेवाओं पर जीएसटी दर को सरल (rationalize) करने से अन्य वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर भी असर पड़ेगा। इसमें लगभग 40–45 आधार अंकों की कमी की संभावना जताई गई है।

महंगाई के ताज़ा आंकड़े

  • सब्जियों की कीमतें: अगस्त में -15.92% पर रहीं, यानी अब भी नकारात्मक क्षेत्र में हैं।
  • दालों की कीमतें: -14.53% की गिरावट दर्ज हुई।
  • मसाले: इस श्रेणी में भी कीमतें गिरीं।
  • फल: महंगाई घटकर 11.65% रही।
  • तेल और वसा: CPI बढ़कर 21.24% तक पहुंच गई।

भारत की कोर मुद्रास्फीति भी अगस्त में बढ़कर 4.16% हो गई, जो चिंता का विषय है।

ग्रामीण और शहरी भारत में महंगाई अगस्त में ग्रामीण क्षेत्रों की मुद्रास्फीति 1.69% और शहरी क्षेत्रों की 2.47% रही। जुलाई की तुलना में यह स्पष्ट रूप से अधिक है। इसका मतलब है कि ग्रामीण उपभोक्ता भी बढ़ती कीमतों से बच नहीं पाए हैं।

राज्यवार महंगाई का हाल

  • 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से 26 राज्यों में महंगाई 4% से कम रही।
  • केरल और लक्षद्वीप में महंगाई दर 6% से अधिक दर्ज की गई, जो राष्ट्रीय औसत से कहीं ऊपर है।

खरीफ फसल और बारिश का प्रभाव भारत में इस सीजन में खरीफ की बुवाई पिछले साल की तुलना में 2.5% अधिक क्षेत्र में हुई। लेकिन भारी और लगातार बारिश ने इस उपलब्धि को खतरे में डाल दिया है। 1 अगस्त से 11 सितंबर के बीच देश में लगभग 8.7% अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई, जिससे कई क्षेत्रों में फसलें प्रभावित होने की आशंका है।

आने वाले महीनों का अनुमान एसबीआई रिसर्च का कहना है कि यदि जीएसटी कटौती का प्रभाव पूरी तरह पास-थ्रू होता है तो वित्त वर्ष 2026-27 में CPI महंगाई 65–75 आधार अंक तक सीमित रह सकती है। हालांकि, फिलहाल हालात यह बताते हैं कि मौद्रिक नीति समिति (MPC) ब्याज दरों में जल्दबाजी में कटौती करने से बचेगी।

Please Read and Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *